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5/1/25

One Liner Sad Shayari || Whtsaap Shayari || one liner



कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने,

कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

इस दिल को हमेशा तुमसे प्यार रहेगा

याद आए तो लौट आना मुझे हर पल तेरा इंतजार रहेगा....

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

तू नगर निगम की ' JCB ' मै हूँ अवैध निर्माण प्रिये ,

जब जब तुमको देखू मै मेरे थर थर कापे प्राण प्रिये !! 🙈❤️

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

नादानियाँ झलकती है आदतों से मेरी,

हैरान तो में भी हूँ मुझे इश्क़ हुआ कैसे।

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

क्या खूब मेरे क़त्ल का तरीका उन्होंने इजाद किया,,

मर जाऊं हिचकियों से, इस कदर उन्होंने याद किया.

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

छूना है तुम्हें… कुछ इस प्रकार से प्रिये ...

जैसे छूती है गंगा बनारस के घाट को..!!

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

इश्क तेरी सबसे बड़ी खामी यही हैं,,,

मोहब्बत की आड़ में दोस्ती छीन लेती हैं...!!

तुम्हारा बदलना तुम्हें ही मुबारक

बदल गये हम तो बवाल हो जाएगा।

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

देखते ही खिल उठती हैं तबियत मेरी..

लगता हैं मेरे हर रोज की दवा हो तुम ।।

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

तुम ना लगा पाओगे अंदाज़ा मेरी तबाही का,

तुमने देखा ही कहाँ है मुझे शाम होने के बाद।
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

❁ ════ ❃• 🌹 •❃ ════ ❁
किसी से दिल लग जाने को मोहब्बत नहीं कहते !

जिसके बिना दिल ना लगे उसे मोहब्बत कहते है.!!

❁ ══❤️‍🩹══❤️‍🩹❤️‍🩹 ❃• 🌹 •❃ ═❤️‍🩹══❤️‍🩹❤️‍🩹 ❁

❝ना ज़ख्म भरे, ना शराब सहारा हुई,

ना वो वापस लौटीं, ना मोहब्बत दोबारा हुई।❜❜

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

❝कागजों में लोग, अपनी उम्र कम बताते हैं,

बड़े होकर मां की कोख में, बिताए ""नो"" महीने भूल जाते हैं।❜❜

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

❝गुज़र गया वो वक़्त,

जब तेरी हसरत थी मुझको,

अब तू खुदा भी बन जाए,

तो भी तेरा सजदा ना करू।❜❜

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

❝कहां से लाऊं पक्के सबूत, की तुम्हें कितना चाहते हैं,

दिल, दिमाग ओर नजर, सब तो तेरी कैद में है।❜❜

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

इल्जाम तो लगा दूँ, कि क़ातिल भी तुम्ही हो,
मगर मासूम सा चेहरा है, यक़ीन कौन करेगा.

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

तुम पढ़ ही नहीं पाओगे उदासियां मेरी
मुस्कुराने के हुनर में हम इतने माहिर हैं…!!

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

कभी दो शब्द तुम भी लिख दिया करो,

मुझे लिखना ही नही, पढ़ना भी खूब आता है....!

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

आपको वक्त ही कहा था हमारे लिए… .
हम तो आपसे नाराज रहने कि वजह भी… .

बार बार पुछ रहे थे… .
पर शायद आपको बात ही नही करनी थी…

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

सारी-सारी रात ना सोये हम,
रातों को उठ उठ के खूब रोये हम,
बस इक बार मेरा कसूर बता दे,
इतना प्यार करके भी क्यूँ ना तेरे हुए हम।
💔🥀
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

धोखा भी उनको मिलता है।
 जो रिश्ते दिल से निभाते हैं..!!

❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में...

लबों तक आते आते तुम गैर हो गये...♥️

महसूस हो रही है फिजा मे उसकी खूशबू
लगता है मेरी याद मे वो सांस ले रहे है!!
❤️🥰🙈

बैठा हैं क्यों उदास वो दिलबर की याद में

मुझसे तो कह रहा था कि मोहब्बत फ़िज़ूल हैं ..

🕊♥️

इस तरह हमेशा याद आकर बेचैन ना किया करो,

एक ही सज़ा काफी है कि मेरे पास नहीं
 हो आप।।

♥️

तुमसे बात करके सोने कि आदत थी मेरी… .
अब तुमहे याद करके सोने कि बन गई… .

निभाने वाले हर हाल मे निभा गए… .
छोडने वाले गलती तलाश छोड गए… .

💔😔❤️‍🩹

6/10/20

Sad Shayari In Hindi || Breakup Shayari In Hindi

1.आंसू जानते है कौन अपना है, 
तभी अपनों के आगे निकलते है ।
मुस्कुराहट का क्या है, 
गैरों से भी वफा कर लेती है।❣️

2.आंखे बंद ही करी थी 
कुछ अल्फ़ाज़ सोचने को 
मगर किस्मत तो देखो 
बेवफा का चेहरा सामने आ गया। 💔

3.अभी तो रण में आया हूँ
यहां कई जीत बाकी हैं
कि ख़ुद से जीत जाने की 
अभी एक रीत बाकी है।


4.जब से तू अलग हुई है ना..
ना कभी बैटरी Low होती है 
और ना कभी 
बैलेंस Low होता है....!! 


5.भड़का हुआ आशिक

आज आयी जो बारिश...
तो याद आया वो जमाना,

तेरा छज्जे पे रहना...
और मेरा सड़कों पर नहाना।।


6.उनका हाल पूछो जिनकी तबियत खराब है,
और उनसे दूर रहो जिनकी नियत ख़राब हैं !



7.उसी की बात उसी के किस्से 
हमें और कोई काम नहीं क्या...


8.मुस्कराने की आदत नहीं है जरूरत है 
क्योकि सुना है रोने वालों को लोग
ज़्यादा रुलाया करते हैं...


9.सुनो ना,

पलके उठाओ, 

नज़रे चुराओ, आंखे मिलाओ, जुल्फे गिराओ,

सलीके से उठाओ,


10.ज़रा इश्क़ करके तो देखो,
सुनो ना,
ज़रा भूल करके तो देखो,
थोड़ा मुझपे मरके तो देखो...


11.मुकम्मल सा ख्वाब था वो
पर क्या करे ख्वाब था वो
आखिर टूटनी ही थी नींद एक दिन...


12.प्यार को जानते थे बस
रूबरू तो तब हुए हम... 
जब खामोशी भी बोलने लगी 
और उसे भी लोग
समझने लगे...

13.कुछ दर्द बयान नहीं किए जाते 
काश कोई उन्हें चेहरे से पढ़ पाता...


14.कुछ रूठ गए कुछ टूट गए 
नहीं भूल पाता मै उन ख्वाबों को 
जो आधुरे छूट गए


15.आंखे क्या , दर्पण हो तो कोई बात हो ।
चेहरा क्या , आफताब हो तो कोई बात हो ।
एक उम्र कट गई ख्वाब पालते - पालते 
काश वो पूरा हो जाए तो कुछ बात हो ।❤️



16.अब उठेंगी आँखे तो 
जी भर के देख लेंगे तुम्हे
तुझसे बिछड़े तो 
हम जिंदा नहीं रहने वाले..


17.किसी को इतना ना चाहो
की वो आदत बन जाए,,
और फिर वो चाहत बन जाए
फ़िर एक दिन वो चाहत, 
जरूरत बन जाए,,
क्युकी जरूरी नहीं हर जरूरत 
पूरी ही हो जाए...



18.कभी सागर ,कभी झील , 
तो कभी जाम रखा है.....
इश्क करने वालो ने भी आँखों का 
ना जाने क्या क्या नाम रखा है!!.......
     


19.सोचा था कि इस कदर आपको भूल जाऐंगे।
देखकर भी अनदेखा कर जाएगें
लेकिन जब जब आया चेहरा आपका सामनें
सोचा कि इस बार देख ले अगली बार भूल जाएंगे ।।
     


20.सुकून मिलता है कुछ बातों को
पन्नों पर उतार देने से,,
कह भी देता हूं मन की हर बात
और आवाज भी नहीं होती...

21.दिल मे जो बस जाए फिर निकलते कहा

दर्द हद से बढ जाए तो आसू बहते कहा

मोहब्बत ?  मौत की सगी बहन है दोस्तो 

दोनो की गिरफ्त मे आने बाद लोग बचते कहा



22.दर्द बेहद है 
    दवा कोई नही 
    मेरे पास मेरे आसू 
          के सिवा कोई नही 
          बद्दुआ हज़ार पर
                   दुआ कोई नही 
                   अपने तो लगे बहुत 
                         अपना हुआ कोई नही 
                         आज भी ख्वाबो ख्याल मे
                                  उसके अलावा कोई नही


23.अक्सर रातो में खुद से पूछता हूं 

क्यों उसने कुछ न कहा

प्यार जो था तेरे मेरे दरमिया 

अब बाकी क्यों न रहा ...



24.ग़र उसकी हर बात मे हामी
ना भरी तूने तो बेवफ़ा
कहा जाएगा तू,,
क्युंकी लोग अब मोहब्बत नहीं
व्यापार करते हैं,,

25.आशिकी का अंजाम है शायरी 

दर्दो ज़ख्म का नाम है शायरी

 इस बेवफा दौर मे यारो 
वफा का परिणाम है शायरी



26.बेवफाओ की दुनिया मे 

वफा किस काम की 

नशा है यार का 

फिर जरूरत क्या है जाम की



27.इश्क मे ख्वाब का टूटना 

ये तो मोहब्बत का दस्तूर होता है

दर्दो जख्म युही नही मिलते 

अपना भी कुछ कसूर होता है



28.एक अजीब सुकून है उस नींद में                                  जो बुरी तरह रोने के बाद आई हो।



29.नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ
ये छलकते हुए जज़बात किसे पेश करूँ

शोख़ आँखों के उजालों को लुटाऊं किस पर
मस्त ज़ुल्फ़ों की सियह रात किसे पेश करूँ

गर्म सांसों में छिपे राज़ बताऊँ किसको
नर्म होठों में दबी बात किसे पेश करूँ

कोइ हमराज़ तो पाऊँ कोई हमदम तो मिले
दिल की धड़कन के इशारत किसे पेश करूँ



30.सच्ची मोहब्बत में बिछड़ने के बाद 
.
.
एक वो है जो रोज़ मेरी लंबी उमर 
और सलामती की दुआ मांगता है,

एक मै हूं जो उससे बिछड़कर 
रोज़ मौत का इंतजार करता हूं



31.कमरे के दीवारें पूछ रही थी मुझसे 

तेरे पास कोई आता नहीं 

या तनहाई तुझे बुलाती है .....

जाती क्यों नहीं है इसके बाहर 

किस बात से इतना घबराती है।




32.आज भी उलझन होती है तेरे नाम से 

ना जाने कौन सा रिश्ता है

तुझसे जो सुलझता ही नहीं



33.कुछ उलझनों के जबाव का
इंतजार छोड़ ही देना चाहिए,,

जरूरी तो नहीं हर उलझनों
के जबाव मिल ही जाए...



34.नींद चुराने वाले पूछते हैं 
सोते क्यों नही,
इतनी ही फिक्र है 
तो फिर हमारे होते क्यों नही।




35.लाख संवार लो तुम 
जिस्म को अपने,
मोहब्बत तो तुम्हारे 
अल्फाज़ो से ही करते है ||




37.एक ख्वाब मुठ्ठी से खोला है मैंने 
और नींद की आंखें जगाईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं हैं





38.पर किसी से लिये हैं उसने या
खुद ही उसने पंख उगाए हैं
वो ज़मीं पे रहने वाला कहाँ है
उसने घर अपने गगन में बताए हैं



39.रह जाए वो यहीं कहीं मुझ तक
मैंने दरिया पर चाँदनी बिछाईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं हैं
मैं जो उससे इरादे अपने कह दूँ
वो नादां क्यूँ सहम सी जाती है
वो पूंछती है ऐसे कई सवालों को
उसका मुझ पर वहम सा जाता है
उसको ही बंद कर के आंखों में
न जाने कितनी रातें बिताईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं है।

40.तेरी मुस्कान से,
सुधर जाती है तबियत मेरी,
बताओ ना,
तुम इश्क़ करते हो या इलाज़ ।।

41.फ़िर एक श्याम ढलने को है,
किससे बात करे,
किससे मुलाक़ात करे,
किससे दर्द बाटे,
किससे ख़ुशी,
यही सोच में फ़िर दिन निकाल दिया....!!

42.कटु परंतु सत्य 👇

जमाने को न जलाया करिये 
हो सके तो घर मे माँ - बाप के पैर 
दबाया करिये..

43.उंगलिया थाम कर चलने की
आदत सी थी,
पर अफसोस इसकी उम्र बड़ी
छोटी थी..

44.रिश्ते बनाये रखना
यूँ तो कुछ फासले है 
पर साथ होने का एहसास बनाये रखना 
रूठे हुए दिल को भी 
मिलने की आस बनाये रखना...






वॉट्सएप हिन्दी शायरी || Whatsapp Shayari In Hindi || Hindi Shayari For WhatsApp

1.उन्हें कोई मुहब्बत निभाना सिखाये
जिनसे हमनें मुहब्बत करनी सीखी है।



2.जुबां से माफ़ करने में वक़्त नहीं लगता

दिल से माफ़ करने में उम्र बीत जाती है।



3.आँखोँ के परदे भी नम हो गए 
बातोँ के सिलसिले भी कम हो गए. . 
पता नही गलती किसकी है 
वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए।



4.बेवजह यूँ शायरी कौन लिखता है,
 हर कोई अपने दर्द उकेरता है...!!



5.मेरी फितरत में नहीं है किसी से नाराज होना
नाराज वो होते है जिन्हे खुद पर गुरुर होता है।✍🏻


6.तालीम तो हमनें सिर्फ बेपरवाही की दी थी,

नज़रअंदाज़ करना तो उन्होनें खुद सीखा है।


7.अपने अपनों की चाहत में 
ये दुनिया दीवानी है,
किसी आँख में हँसी घुली है, 
किसी आँख में पानी है,
हमको जिससे प्यार हुआ 
वो किसी और को चाह रही। 
सबके किस्से अलग-अलग हैं, 
सबकी अलग कहानी है।


8.बहुत वक़्त देने लगे हो आज कल

मगर मुझे नही किसी ओर को।🤔


9.जान लेने पे... 
तुले हे दोंनो मेरी। 
इश्क हार नही मानता 
दिल बात नही मानता।


10.दीवानगी ए इश्क़ पे 
इल्ज़ाम कुछ भी हो। 
दिल दे दिया है तुमको 
अब अंजाम कुछ भी हो।


11.ग़म हूँ, दर्द हूँ, साज़ हूँ, या आवाज़ हूँ,
बस जो भी हूँ तुम बिन बहुत उदास हूँ।



12.बस एक बात दिल पर लगती है,
और दिल फिर कहीं लगता ही नहीं।



13.एक ही चेहरे की अहमियत...
हर एक नजर में अलग सी क्यूँ है...
उसी चेहरे पर कोई खफा...
तो कोई फिदा सा क्यूँ है...

14.चुभती हूँ सबको कोई छुरी तो नहीं,!
बताते हो जितना उतनी बुरी तो नहीं..!!!
😔😔


15.Kabhi yha baat karte ho 
kabhi vha bat karte ho 😏

Tum bde log ho Saheb 
hamse kha baat karte ho 😒



16.सही गलत कुछ भी नहीं , 
तेरे लिए तु सही 
और मेरे लिए भी तु ही सही



17.“तस्वीर" तो मिनटों में बनती है
पर वक्त तो “Image” बनाने में लगता है..




18.यूं मुझ पे अपनी नजरों का कहर न ढाओ,
मैं हर जाम को भुल जाता हुँ,
जब इन मे मैं डुब जाता हुँ




19.किसी को शहद लगता हूं 
तो किसी को जहर 😒

संभल कर रहा करो यह है 
अपनो की दुनिया का अजनबी शहर😏





20.जो आपका है वो कभी नही जायेगा,
जो नही है उसे आप लाख जतन 
कर के रोक नही सकते ...



21.हर दुआ पढ़ ली है,
हर वजीफा कर लिया।
ऐ खुदा अब दे भी दे,
जो किस्मत ने है छीन लिया।



22.वो जो कहते थे कि 
बिझड़ेंगे ना हम कभी 

आज हम कहते हैं  
मिलोगे क्या तुम दोबारा हमें कभी


23.तूफान सा आ गया है 
मेरे आशियाने में शायद..! 
तनहाई ने कदम रख लिया है 
मेरे मयखाने में...!!



24.मोहब्बत में मरना आसान है ! 
मुश्किल है किसी के लिए जिंदा 
रहकर तड़पना!!



25.दिल के एक कोने में हमने कब्रस्तान बनाया है..,
 तुम हर बार इलज़ाम लगाना हम पर और हम.,
 एक ख्वाब के साथ उसे बेदर्दी के साथ दफना देंगे..!!


26.मोहब्बत मैंने भी की थी ,
मोहब्बत उसने भी की थी !
तड़पकर मैं भी रोई थी ,
तड़पकर वो भी रोया था !
बस फर्क इतना था ,,,,
मैं भरी महफिल में रोई थी ,
और वो बंद कमरे में रोया था !!!!



27.प्यार करोगे तो.......जान भी देंगे।
नफरत करोगे........तो करते रहो, 
हम ध्यान भी ना देंगे॥



28.मनाने की कोशिश तो बहुत की हमनें
पर जब वो हमारे लफ़्ज ना समझ सके
तो हमारी खामोशियों को क्या समझेंगे।


29.हारने की आदत सी हो गयी है,

न जाने क्यूँ ये जिंदगी क़यामत सी हो गयी है। 

पता है किधर जाना है मुझे,

ये जान कर भी गलत राह पर 

चलने की आदत सी हो गयी है। 

ऐसा लगता है की हार चूका हूँ मै सब कुछ,

फिर भी मुकद्दर को बदलने की चाहत सी हो गयी है।।



30.खुद को इतना भी मत बचाया कर, 
बारिशें हो अगर तो भीग जाया कर। 
चाँद लाकर कोई नहीं देगा तुझको, 
तू खुद अपने चेहरे से ही जगमगाया कर।



31.कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है। 
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।


32.ना चाँद चाहिए 
ना फलक चाहिए, 
चाहे ख्वाबो में ही क्यु ना दिखो
मुझे बस तुम्हारी एक झलक चाहिए।



33.हँसता तो रोज हूं
लेकिन...🤗



‘खुश‚ हुए
जमाना हो गया॥


34.तुम्हारा सिर्फ हवाओं पे
शक़ गया होगा.

चिराग़ खुद भी तो
जल-जल के थक गया होगा.. 😊



35.हसकर जीना दस्तूर है जिंदगी का
इक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का। 
बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते
यही सबसे बढ़ा कसूर है जिंदगी का॥



36.मै तेरा हमसफर ना बन सका
कोई बात नहीं ,
पर तेरी जिंदगी के किस्सो में 
मेरा नाम भी आयेगा!!



37.कैसे भूलाऊ बीते कल को...
दिल में रोज़ यादों का 
जनाजा निकलता है...🥀



38.तुझे क्या पता की मेरे दिल में 
कितना प्यार हैं तेरे लिये,
जो कर दूँ बयाँ तो तुझे नीद से
 नफरत हो जाए...!!


39.मेरे इकरार को वो मेरा प्यार समझ बैठी,
मेरी मोहब्बत को वो मेरी प्यास समझ बैठी,
जब बोलता रहा झूठ तो सच समझती रही,
और जब सच बोला तो मजाक समझ बैठी ।



40.मेरी सारी तमन्नाएं ख्वाहिशें अधूरी रह गई
जब वो खामोशी से बात सारी कह गई।