https://www.dwivedishayari.blogspot.com/26dac271b1bc4f82bb57a4411e1475f0.txt 0013E5DB0910234089B10D83A41D0E1C LOVE SHAYARI : Sad Shayari

लोकप्रिय पोस्ट

Sad Shayari लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Sad Shayari लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

17/5/21

Sad Shayari 2021 🥺💔With Image 🥀 Dwivedi Shayari




1. कभी हर पल तू मेरी नजरों के सामने हुआ करता था,🥀

आज एक पल के लिए भी तुझे देखने को 
मोहताज हूँ मैं,💔




2. सारी दुनिया की मोहब्बत को किनारा करके...!

हमने रखा है खुद को तुम्हारा करके...!




3. है अपनी तबीअत में जो, ख़ामी तो यही है....
हम इश्क़ तो करते हैं, मगर कम नहीं करते..!!💞




4. एक वक्त था जब बातें ख़तम नहीं होती थीं,

आज एक अरसा हुआ उनसे बात किए..!




5. मोहब्बत कितनी रंगीन है l
किसी से सुनकर देखिये ll
मोहब्बत कितनी संगीन है l
किसी से कर के देखिये ll
मोहब्बत कितनी गमगिन है l
खुद लिखकर देखिये ll

6/10/20

Sad Shayari || Breakup Shayari In Hindi

1.दिदार करूँ 
उस चाँद का, या करूँ 
तुझे पाने की ख़्वाहिश
या बन जाऊँ जाम-ऐ-इश्क़ मैं 
तुझे देख जो जी ललचाये ।।






2.अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, 
क्योंकि..  
खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें  
पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे.!!







3.इस जहां की तक़रीबन साढ़े सात अरब की आबादी मे...
मुझे वो सिर्फ एक शख्श अच्छा लगा... 
अगर वो भी ना मिले.... 
तो... ए खुदा... शिकायत तो बनती है !!







4.इस हकीकत से खूबसूरत कोई ख्वाब नहीँ...
इश्क मजीँ हैं खुदा की कोई इतफाक नही।





5.कैसा ये सावन सजना
जो बीता जाए दूर तुमसे....







6.चलो न नई शरारत करते है 
वो हीज्र की रात को भुलकर 
नई शुरूआत करते है,
तुम हम हो जाना और हम तुम हो जाते है.....




7.कमबख्त चले तो जाते हैं,
 यादों की तिजोरी पता 
 नहीं क्यों छोड़ जाते हैं!!!






8.कल खो दिया आज के लिये 
आज खो दिया कल के लिये, 
कभी जी ना सके हम आज..आज के लिये,
बीत रही है जिदंगी, कल आज और कल के लिये!







9.तुम पढ़ते हो मेरी शायरी
इसलिए तो लिख देती हूं

वरना मैं तो तुझे सिर्फ
महसूस कर के भी जी लेती हूं...






10.चंद बारिश की बूंदें क्या पड़ी 
हम घर को लौट आये 😔 

जो शख़्स तेरे साथ क़भी 
तेज़ बारिश मे भीगा करता था 
आज एक बूंद भी गिरने से घबराता है 







11.प्यार वो नही जिसमे Aᴛᴛɪᴛᴜᴅᴇ और Eɢᴏ हो,
प्यार तो वो है जिसमें एक "रूठने"
मे Exᴘᴇʀᴛ हो तो दूसरा "मनाने" में Pᴇʀғᴇᴄᴛ हो.






12.यूँ पलके झुका देने से नींद नही आती
सोते वही लोग है...... 
जिनके पास किसी की यादे नही होती..!!






13.ज़िन्दगी में बार बार सहारा नहीं मिलता.
बार- बार कोई प्यार से प्यारा नहीं मिलता.
हे जो पास उसे संभाल के रखना,
खो कर वो कभी दुबारा नहीं मिलता.






14.रिश्ते तो सूर्यमुखी के 
फूलों की तरह होते हैं
         जिधर
                प्यार मिले...
                   उधर ही घूम जाते हैं...





15.“लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें,

 लेकिन यह भी सत्य है कि 
उनमें से अधिकाँश यह नहीं चाहते कि ......

आप उनसे बेहतर करें।”






16.जैसा जिसका चरित्र होता है
वैसा उसका 🤝 मित्र होता है






17.हम उस तकदीर के सबसे पसंदीदा खिलौना हैं, 
वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।






18.मर जाने की ख्वाइश को मैं 
कुछ इस कदर मारा करता हूँ,
दिल के जहर को मैं 
कागज पर उतरा करता हूँ। 






19.कोई लड़की पास से गुजरे तो
तुम उसका डर नहीं साहस बन जाओ
कोई उसका जिस्म नोचे तो
तुम हवस नहीं उसका लिबास बन जाओ






20.के न बादल में वो रंग है
न धूप में वो दम है
मिलता ही नहीं अब कोई शख्स ऐसा
वर्ना कहने को तो सीने में बहुत गम हैं

और इस कदर भुलाया तेरे बाद मोहब्बत का फ़साना
के अब कौन तुम हो कौन हम हैं

कोई तो होगा मेरा तेरे सिवा इस दुनिया में
जीने के लिए तो यहां बहुत वहम हैं

प्यार भी लूट लिया जाता है अब इस दुनिया में
वो ही सही है यहां जिसके हजारों सनम हैं।






21.ज़िन्दगी तूने बहुत ग़म दिए है मुझे,
दिए तो दिए बहुत कम दिए है मुझे,

अब तो आदत सी हो गई है क़ल्ब को मेरे,
प्यार से दिए है उतने ख़ुर्रम दिए है मुझे...

थोड़े और भी दे दे नहीं शिकवा कोई मुजको,
तूने जब जब दिए है भारी-भरकम दिए है मुझे...

वज़्न बर्दाश्त कर लेगा ‍‍'मुकुन्द' प्यार से इनका,
तू भी क्या करेगी कुदरत ने बुरे करम दिए है मुझे...

तू कह रही है मुझे वो सब ठीक करेगा एक दिन,
जूठे वादे जूठे दिलासे जूठे भरम दिए है मुझे...!!!






22.तुम मेरे हो, ये अफवाह
मैं फैला दूं क्या.!
मुझसें जलने वालों को,
थोड़ा और जला दूँ क्या.!!





23.उल्फत में अक्सर ऐसा होता है;
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है;
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी;
हमसफर उनका कोई और होता है!






24.कुछ इस तरीके कि हमारी कहानी हैं, 
हमसे ज्यादा मैडम चाय कि दीवानी हैं... 






25.मासूम सा दिल लेकर पैदा हुआ था मैं, 
जिन्दगी के तजुर्बे ने मुझे पत्थर बना दिया।






26.मैं इस खुदा काे कैसे मानूँ 
मेरी ताे मां खुदा है ...  
हां पापा बहुत प्यार करते हैं 
पर मां सबसे जुदा है ...







27.कौन सी शाख पर कब बैठ जाये क्या पता

ये इश्क़ का पंछी है जनाब 

लिहाज ए उम्र फितरत नहीं इसकी।।






28.हम पढ़ने लिखने में
ज़रा अच्छे क्या निकले,
ज़िन्दगी तो हर कदम पर
इम्तिहान लेने लगी





29.दुआ करो कि मैं उस के लिए दुआ हो जाऊँ
वो एक शख़्स जो दिल को दुआ सा लगता है







30.जिसे याद करने से मायूस हो दिल,
उसे अपने दिल से भुलाता चला जा... 






31.हम जुदा हुए थे फिर मिलने के लिये,
ज़िंदगी की राहों में संग चलने के लिये,
तेरे प्यार की कशिश दिल में बसी है कुछ 
इस क़दर,
दुआ है तेरा साथ मिले ज़रा संभलने के लिये..




32.हसरतें कुछ और हैं,
वक़्त की इल्तजा कुछ और,

कौन जी सका है जिंदगी को अपनी मर्जी से,

दिल चाहता कुछ और हैं,
और होता कुछ और है!!!!





33.ज़िन्दगी पता नहीं किस मोड़ पर बहने लगी है,
रास्ते अटक से भरे है अब्सार ना चल कहने लगी है,
पर में भी जिद्दी हूं चलना तो इन्हीं रास्तों पर मुझे,
क्यू की इन्हीं रास्तों पर मेरी क़जा रहने लगी है...!!






34.तू अचानक मिल गई तो कैसे पहचानुंगा मैं,
ऐ खुशी.. तू अपनी एक तस्वीर भेज दे...!!







35.अगर रास्ता खूबसूरत है 
तो पता कीजिये
किस मंजिल की तरफ जाता है !
लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो,
कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !!
मेहनत का फल और
समस्या का हल
देर से ही सही मिलता जरूर है!!

              .




36.एक सिल-सिले की उम्मीद थी जिनसे,
वही फ़ासले बनाते गये।
हम तो पास आने की कोशिश में थे,
ना जाने क्यूँ वो हमसे दूरियाँ बढ़ाते गये।






37.दोस्तों के पास Tɪᴍᴇ निकाल कर बेठा करो,
Dᴏᴄᴛᴏʀ के पास कभी लंबी लाइनो में नहीं
बेठना पड़ेगा।




38.दो दिन की ज़िंदगी है
इसे दो उसूलो से जीयो

रहो तो फूलों की तरह
और बिखरो तो ख़ुशबु की तरह





39.मुझसे मिलकर वो कुछ यूँ मुफ़ीद हो गया 
तेरा भेजा क़ातिल मेरा मुरीद हो गया







40.तुम कल मुझसे पूछ रहीं थी इश्क़ क्या है 
तुम्हारा मुझसे यूँ पूछना इश्क़ है




Long Distance Shayari In Hindi, Shayari In Hindi

सफर बहुत छोटा रहा तुम्हारे साथ....
मगर सबक बहुत अच्छा सिखाया 

जिंदगी गुजारने के लिए..... 









2.जब समाज से लड़ने की 
ताकत हो जाए ना...
     तब इश्क करना ...






3.दुनिया को जानना है तो ...

     प्यार करके देखो....






4.जो चिंता से लड़ना नहीं जानते, 
वे जवानी में ही मर जाते हैं।





5.सुन pagle अगर देखना ही है 
तो प्यार से देख
ऐसे टेढ़े टेढ़े तो तेरे घरवाले भी देखते हैं






6.किरदार अपना कुछ यू निभा रहे है , 
दुश्मनों को Blur, 
चाहने वालों को फोकस मे ला रहे है.






7.आज कल लोग 
मजाक का सहारा
लेकर दिल की बाते 
कह देते हैं।






8.इश्क़ और प्यार में ,
फर्क होता है दोस्त।
लोग प्यार में धोखा देते हैं,
और इश्क़ में जान।।







9.जिंदगी में अगर कोई 
अच्छा लगे तो,
उसे सिर्फ चाहना 
प्यार मत करना
क्योंकि प्यार खत्म हो जाता है
पर चाहत कभी नही खत्म होती।।







10.शौक से लीजिए इम्तिहान हमारा जनाब, 

हम वो नही जो परखने पर खोटे निकले। 







11.सज़ा" बन जाती है गुज़रे हुए "वक़्त" की निशानियाँ

ना जाने क्यूँ "मतलब" के लिए "मेहरबां" होते हैं लोग







12."मंज़र भी बेनूर थे और फिज़ाएँ भी बेरंग थी,

बस दोस्त याद आए और मौसम सुहाना हो गया"







13.कितना मुश्किल सा सवाल पूछा है

आज फिर उसने मेरा हाल पूछा है








14.वहाँ तो सिर्फ उसकी चूड़ी खनकी हैं ,
तो इतना शोर-शराबा है.
यहाँ तो मेरा दिल टूटा हैं , 
फ़िर भी कितना सन्नाटा हैं !






15.किसी शायर से कभी उसकी उदासी की
वजह पूछना
.
दर्द को इतनी ख़ुशी से सुनाएगा की प्यार
हो जायेगा







16.तू हजार बार रुठेगी फिर भी तुझे मना लूँगा …

तुझसे प्यार किया हे कोई गुनाह नही, 
जो तुझसे दूर होकर खुद को सजा दूँगा







17.लिखना चाहूं तुझे जिन्दगी के हर पन्ने पर, 
तेरे ही प्यार की स्याही से....







18.मुमकिन नहीं रहा, 
किसी पर भरोसा करना क्योंकि 
यहां खुद भरोसा दिलाने वाले, 
         धोका खाए हुए हैं......






19.रात गहरी थी डर भी सकते थे
हम जो कहते थे कर भी सकते थे
तुम बिछड़े तो ये भी ना सोचा
हम तो पागल थे मर भी सकते थे






20.आज कई मुद्दतों के बाद 

इतना आराम पाया है,  


आवाज़ ना देना मुझे अब कोई 

सोया हूं इस कदर की ख़ुद को मरा पाया है, 


इतनी शौहरत तो जिंदगी ने कभी ना दी(2)

आज मरा तो अपना जनाज़ा भी सजा पाया है 


सिकश है चेहरे पे जिनकी नज़रों मे कभी बुरे थे हम 

उन्की आँखों से भी आँसुओं को छलकता पाया है, 


और तो और जिन्हें नफ़रत थी हमारे चेहरे से आज(2)

हमारे एक दीदार के लिए उन्हें भी बिलक्ता पाया है, 

 

ये कोई शौहरत नहीं है मेरे दोस्त 

जो मुझ पे चादरे चड़ाई जा रहीं है, 

ये तो वो आखरी रस्म है जो 

मुझे दफ़नाने से पहले निभाई जा रहीं है, 


दफ़्न हों जाना हैं सब को एक दिन 

साथ मे क्या ले जाओगे, 

आँखों मे नमी होगी लोगों के 

और दिल मे दर्द छोड़ जाओगे ,







21.चालाकी कहा मिलती है मुझे भी बताओं दोस्तो
हर कोई ठग लेता है जरा सा मीठा बोल कर। 






22."सुन लेने से"
कितने सारे सवाल सुलझ जाते हैं,

"सुना देने से"
हम फिर से वही उलझ जाते हैं!






23.हम तो हँसते हैं
दूसरों को हँसाने के लिए
वरना ज़ख्म तो इतने हैं कि
ठीक से रोया भी नहीं जाता





24.इश्क़ के ख़याल बहुत हैं..
इश्क़ के चर्चे बहुत हैं..
सोचते हैं हम भी कर ले इश्क़..
पर सुनते हैं इश्क़ में खर्चे बहुत हैं..







25.होंगे तुम लफ्ज़ो के बादशाह,  
खामोशियाँ पर राज हम भी करते है। 







26.मुहब्बत की दुनियाँ का भी...
एक अलग ही फसाना है....
जहाँ चूड़ी की खनखन और......
पायल की छनछन भी एक तराना है..!!







27.किसी को फुर्सत नहीं है की सोचे
खामोशियां का जहान क्या है,
किसी को फुर्सत नहीं है की सोचे
खामोशियां का जहान क्या है,
यहाँ किसी से ये न पुछ लेना की
आंसुओं की जबान क्या है!!






28.एक तू हो एक तेरी आस रहे,

एक दूर हो तो एक पास रहे...









29.क्या सोचकर पूछा तुमने कि धोखा तो नहीं दोगे,

और जवाब क्या दें हम, जब सवाल ही नहीं उठता...







30.न जाने किसने शुरू किया ये तोहफे लेने और देने का दस्तूर,
गरीब लोग अब मिलने से कतराते है 




31.तुम वही सपना हो
जिसे देखकर
कुछ यूं लगता हैं के...
Tum jaisa
कोई अपना हो....







32.मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है 
मेरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है







33.आज सारे गमों को भुला कर आया हूं,

ऐ जिंदगी मैं दोस्त के हाथ की चाय पीकर आया हूं।






34.हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर…

अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो…. !!!






35.यादें क्भी भुलाई नहीं जाती...
गलतियाँ कभी दोहराई नहीं जाती...
आज भी उतना ही प्यार करते हैं हम आपसे,
मगर अब क्या करें तकदीर से 
सच्ची मोहब्बत मिलाई नहीं जाती...!!




36.कभी ये ना पूछो कि 
जिंदगी ख़ुशी कब देती है...
क्यूंकि यार
ये परेशानी तो उसकी भी है
जिसे ज़िन्दगी सब देती है...!!





37.जिस पत्थर से ठोकर खाई, 
      उसी पत्थर से फिर ठोकर खाना, 
      मैं मुर्खता ही कहुंगा। 
अर्थात जहाँ से बदनामी मिल गई, 
  वहाँ फिर से जाओगे तो , 
             बदनामी ही मिलेगी। 




38.मेरा तेरे से न मिलना,एक राज ए मोहब्बत है।
तेरा यू मुझसे छिपना,एक राज ए मोहब्बत है।।
कब तक चुराओगी मुझसे ये नज़रे अपनी
तेरा इजहार न करना,एक राज ए मोहब्बत है।।।






39.तू आग है तू शोला है
एक बार बढ़ तो दुनिया जला देगा
अपनी आंखें तो खोल
दुनिया का इतिहास हिला देगा 




40.कोई चुपके से आता है 
मेरी Dp देखता है,
.
और चला जाता है...
.
ये रिश्ता क्या कहलाता है..???

      

गम भरी शायरी,Letest Sad Shayari,Shayari In Hindi

आंसू जानते है कौन अपना है, तभी अपनों के आगे निकलते है ।
मुस्कुराहट का क्या है, गैरों से भी वफा कर लेती है।❣️


2.आंखे बंद ही करी थी 
कुछ अल्फ़ाज़ सोचने को 
मगर किस्मत तो देखो 
बेवफा का चेहरा सामने आ गया। 💔

3.अभी तो रण में आया हूँ
यहां कई जीत बाकी हैं
कि ख़ुद से जीत जाने की 
अभी एक रीत बाकी है।


4.जब से तू अलग हुई है ना..
ना कभी बैटरी Low होती है 
और ना कभी 
बैलेंस Low होता है....!! 


5.भड़का हुआ आशिक

आज आयी जो बारिश...
तो याद आया वो जमाना,

तेरा छज्जे पे रहना...
और मेरा सड़कों पर नहाना।।


6.उनका हाल पूछो जिनकी तबियत खराब है,
और उनसे दूर रहो जिनकी नियत ख़राब हैं !



7.उसी की बात उसी के किस्से 
हमें और कोई काम नहीं क्या...


8.मुस्कराने की आदत नहीं है जरूरत है 
क्योकि सुना है रोने वालों को लोग
ज़्यादा रुलाया करते हैं...


9.सुनो ना,

पलके उठाओ, 

नज़रे चुराओ, आंखे मिलाओ, जुल्फे गिराओ,

सलीके से उठाओ,


10.ज़रा इश्क़ करके तो देखो,
सुनो ना,
ज़रा भूल करके तो देखो,
थोड़ा मुझपे मरके तो देखो...


11.मुकम्मल सा ख्वाब था वो
पर क्या करे ख्वाब था वो
आखिर टूटनी ही थी नींद एक दिन...


12.प्यार को जानते थे बस
रूबरू तो तब हुए हम... 
जब खामोशी भी बोलने लगी 
और उसे भी लोग
समझने लगे...

13.कुछ दर्द बयान नहीं किए जाते 
काश कोई उन्हें चेहरे से पढ़ पाता...


14.कुछ रूठ गए कुछ टूट गए 
नहीं भूल पाता मै उन ख्वाबों को 
जो आधुरे छूट गए


15.आंखे क्या , दर्पण हो तो कोई बात हो ।
चेहरा क्या , आफताब हो तो कोई बात हो ।
एक उम्र कट गई ख्वाब पालते - पालते 
काश वो पूरा हो जाए तो कुछ बात हो ।❤️



16.अब उठेंगी आँखे तो 
जी भर के देख लेंगे तुम्हे
तुझसे बिछड़े तो 
हम जिंदा नहीं रहने वाले..


17.किसी को इतना ना चाहो
की वो आदत बन जाए,,
और फिर वो चाहत बन जाए
फ़िर एक दिन वो चाहत, 
जरूरत बन जाए,,
क्युकी जरूरी नहीं हर जरूरत 
पूरी ही हो जाए...



18.कभी सागर ,कभी झील , 
तो कभी जाम रखा है.....
इश्क करने वालो ने भी आँखों का 
ना जाने क्या क्या नाम रखा है!!.......
     


19.सोचा था कि इस कदर आपको भूल जाऐंगे।
देखकर भी अनदेखा कर जाएगें
लेकिन जब जब आया चेहरा आपका सामनें
सोचा कि इस बार देख ले अगली बार भूल जाएंगे ।।
     


20.सुकून मिलता है कुछ बातों को
पन्नों पर उतार देने से,,
कह भी देता हूं मन की हर बात
और आवाज भी नहीं होती...

21.दिल मे जो बस जाए फिर निकलते कहा

दर्द हद से बढ जाए तो आसू बहते कहा

मोहब्बत ?  मौत की सगी बहन है दोस्तो 

दोनो की गिरफ्त मे आने बाद लोग बचते कहा



22.दर्द बेहद है 
    दवा कोई नही 
    मेरे पास मेरे आसू 
          के सिवा कोई नही 
          बद्दुआ हज़ार पर
                   दुआ कोई नही 
                   अपने तो लगे बहुत 
                         अपना हुआ कोई नही 
                         आज भी ख्वाबो ख्याल मे
                                  उसके अलावा कोई नही


23.अक्सर रातो में खुद से पूछता हूं 

क्यों उसने कुछ न कहा

प्यार जो था तेरे मेरे दरमिया 

अब बाकी क्यों न रहा ...



24.ग़र उसकी हर बात मे हामी
ना भरी तूने तो बेवफ़ा
कहा जाएगा तू,,
क्युंकी लोग अब मोहब्बत नहीं
व्यापार करते हैं,,

25.आशिकी का अंजाम है शायरी 

दर्दो ज़ख्म का नाम है शायरी

 इस बेवफा दौर मे यारो 
वफा का परिणाम है शायरी



26.बेवफाओ की दुनिया मे 

वफा किस काम की 

नशा है यार का 

फिर जरूरत क्या है जाम की



27.इश्क मे ख्वाब का टूटना 

ये तो मोहब्बत का दस्तूर होता है

दर्दो जख्म युही नही मिलते 

अपना भी कुछ कसूर होता है



28.एक अजीब सुकून है उस नींद में                                  जो बुरी तरह रोने के बाद आई हो।



29.नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ
ये छलकते हुए जज़बात किसे पेश करूँ

शोख़ आँखों के उजालों को लुटाऊं किस पर
मस्त ज़ुल्फ़ों की सियह रात किसे पेश करूँ

गर्म सांसों में छिपे राज़ बताऊँ किसको
नर्म होठों में दबी बात किसे पेश करूँ

कोइ हमराज़ तो पाऊँ कोई हमदम तो मिले
दिल की धड़कन के इशारत किसे पेश करूँ



30.सच्ची मोहब्बत में बिछड़ने के बाद 
.
.
एक वो है जो रोज़ मेरी लंबी उमर 
और सलामती की दुआ मांगता है,

एक मै हूं जो उससे बिछड़कर 
रोज़ मौत का इंतजार करता हूं



31.कमरे के दीवारें पूछ रही थी मुझसे 

तेरे पास कोई आता नहीं 

या तनहाई तुझे बुलाती है .....

जाती क्यों नहीं है इसके बाहर 

किस बात से इतना घबराती है।




32.आज भी उलझन होती है तेरे नाम से 

ना जाने कौन सा रिश्ता है

तुझसे जो सुलझता ही नहीं



33.कुछ उलझनों के जबाव का
इंतजार छोड़ ही देना चाहिए,,

जरूरी तो नहीं हर उलझनों
के जबाव मिल ही जाए...



34.नींद चुराने वाले पूछते हैं 
सोते क्यों नही,
इतनी ही फिक्र है 
तो फिर हमारे होते क्यों नही।




35.लाख संवार लो तुम 
जिस्म को अपने,
मोहब्बत तो तुम्हारे 
अल्फाज़ो से ही करते है ||




37.एक ख्वाब मुठ्ठी से खोला है मैंने 
और नींद की आंखें जगाईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं हैं





38.पर किसी से लिये हैं उसने या
खुद ही उसने पंख उगाए हैं
वो ज़मीं पे रहने वाला कहाँ है
उसने घर अपने गगन में बताए हैं



39.रह जाए वो यहीं कहीं मुझ तक
मैंने दरिया पर चाँदनी बिछाईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं हैं
मैं जो उससे इरादे अपने कह दूँ
वो नादां क्यूँ सहम सी जाती है
वो पूंछती है ऐसे कई सवालों को
उसका मुझ पर वहम सा जाता है
उसको ही बंद कर के आंखों में
न जाने कितनी रातें बिताईं हैं
अब कहाँ तक उड़ेगा ख्वाब जाने
मैंने उम्मीद की पलकें उठाईं है।

40.तेरी मुस्कान से,
सुधर जाती है तबियत मेरी,
बताओ ना,
तुम इश्क़ करते हो या इलाज़ ।।

41.फ़िर एक श्याम ढलने को है,
किससे बात करे,
किससे मुलाक़ात करे,
किससे दर्द बाटे,
किससे ख़ुशी,
यही सोच में फ़िर दिन निकाल दिया....!!

42.कटु परंतु सत्य 👇

जमाने को न जलाया करिये 
हो सके तो घर मे माँ - बाप के पैर 
दबाया करिये..

43.उंगलिया थाम कर चलने की
आदत सी थी,
पर अफसोस इसकी उम्र बड़ी
छोटी थी..





44.रिश्ते बनाये रखना
यूँ तो कुछ फासले है 
पर साथ होने का एहसास बनाये रखना 
रूठे हुए दिल को भी 
मिलने की आस बनाये रखना...

Sad Shayari In Hindi || हिन्दी शायरी

1.हमें भी शिकायत हुआ करती थी कभी 
इन दर्द भरे नगमो से 
लेकिन आजकल इसमें हम भी 
अपना अक्श पाते हैं




2.सुलगती रेत में पानी की अब तलाश नहीं

मगर ये मैंने कब कहा के मुझे प्यास नहीं

3.समझता ही नहीं वो शक्श 
मेरे अल्फ़ाज़ों की गहराई।
मैने हर वो लफ्ज़ कह दिया 
जिसमें दोस्ती हो।

4.एक आस, एक एहसास, 
मेरी सोच और बस तुम
एक सवाल, एक मजाल, 
तुम्हारा ख़याल और बस तुम
एक बात, एक शाम, 
तुम्हारा साथ और बस तुम
एक दुआ, एक फ़रियाद, 
तुम्हारी याद और बस तुम
मेरा जूनून, मेरा सुकून,
बस तुम और बस तुम

5.🌹तोड़ते रहो तुम दिल को कांच__ की तरह,
सनम
🌹_हम टूटकर__ भी सिर्फ तुम्हे ___ही चाहेंगे !!

6.तेरे शक की नजर,
 मेरे झूठ की चादर
कितनी गजब है यह मोहब्बत।

7.बीच रास्ते में खो गया हूं💖
कल के चक्कर में आज अटक गया हूं

8.हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए,
गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए,
मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी,
हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।

9.झूम जाते हैं शायरी के लफ्ज़ 
बहार के पत्तों की तरह,
जब शुरू होता है 
बयां ए हुस्न महबूब का मेरे.

10.वो आज गुमसुम सी जो बैठीं हैं
या तो हमारी बात दिल पर लगी है
या हमारी बातो से दिल लगा बैठी है

11.दिल परेशान है तेरे बगैर 
जिन्दगी बेजान है तेरे बगैर 

लौट आ फिर से मेरे हमदम
सब कुछ वीरान है तेरे बगैर 

रात की नींद दिन का सुकून 
आना कहा आसान है तेरे बगैर 
फिरते रहते पागलो की तरह इधर से उधर
 लगता नही दिल बहुत नुकसान है तेरे बगैर


12.बेगुनाह कोई नहीं है, 
सबके राज़ होते हैं..

किसी के "छुप" जाते हैं, 
तो किसी के "छप" जाते हैं..

13.इतनी चाहत के बाद भी 
तुझे एहसास ना हुआ,
जरा देख तो ले, 
दिल की जगह पत्थर तो नहीं...

14.जाने क्या था जाने क्या है 
जो मुझसे छुट रहा है 
यादें कंकर फेंक रही है 
और दिल अंदर से टूट रहा है

15.प्यार में शर्त निभाने की कभी ज़िद न करो
प्यार को जब्र से पाने की कभी ज़िद न करो

16.प्यार नादान है नादां ही इसे रहने दो 
प्यार को इल्म सिखाने की कभी ज़िद न करो
प्यार मासूम दुआओं की तरह होता है
तुम इसे क़ैद में लाने की कभी ज़िद न करो
बात जो क़ौम की मिल्लत में दरारें लाए
यार वो बात सुनाने की कभी ज़िद न करो
ज़िंदगी प्यार की झरने सी रवाँ होती है
रोक तुम इसपे लगाने की कभी ज़िद न करो

17=रहमतों की कमी नहीं  
'ऊपरवाले' के ख़ज़ाने में...
झांकना खुद की झोली में है कि 
कहीं कोई 'सुराख' तो नही....

18.सब अच्छे ही होते हैं..
कोई मेरे जैसा क्यों नहीं होता

19.शाम आये और घर के लिए 
दिल मचल उठे...!!
शाम आये और दिल के लिए 
कोई घर ना हो...!!

20.डूबते डूबते बचा हूं अभी

और फिर प्यास लग रही है मुझे..!!

21.चार दोस्त,दो साइकिलें, 
खाली जेब और पूरा शहर,
एक खूबसूरत दौर ये भी था जिंदगी का...
किताबों में जिंदगी लटक गई है 
जब से मेरी जान जान में अटक गई है

22.ज़िन्दगी खूबसुरत है 
पर तुझे जीना नहीं आता 
हर चीज में नशा है 
पर तुझे पिना नहीं आता

23.हे पगली तू खुद को क्या समझती है 
तुझसे लाख गुना अच्छी तो मेरी मां है
जो बिना बोले ही मेरी आवाज सुनती है
✍✍✍

24.हाथों की लकीरों को किस्मत कहते हैं
मगर मेहनत करते हैं बेचारे हाथ
और तालियां बटोरी है पंडितों की बात
दूसरों को बर्बाद कर हंसते हैं लोग

25.एक समय ही ऐसा है 
जिसे बर्बाद कर रोते हैं लोग

26.हिम्मत नहीं तो, प्रतिष्ठा नहीं.. 
विरोधी नहीं, तो प्रगति नहीं..

27.पाँव हौले से रख 
कश्ती से उतरने वाले 
जिंदगी अक्सर किनारों से ही 
खिसका करती है ...


28.मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है.....
बडी शातिर है ये दुनिया, बहाना ढूंढ लेती है,

हकीकत जिद किए बैठी है चकनाचूर करने को....
मगर हर आँख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है,

न चिडिया की कमाई है न कारोबार है कोई....
वो केवल हौसले से आबोदाना ढूंढ लेती है,

उठाती है जो खतरा हर कदम पर डूब जाने का....
वही कोशिश समंदर मे खजाना ढूंढ लेती है,

जुनूं मंजिल का, राहों में बचाता है भटकने से....
मेरी दीवानगी... अपना ठिकाना ढूंढ लेती है .....!!

29.फोन से block किया चलेगा 
दिल से न होना चाहिए
प्यार एकतरफा नही चलेगा 
दोनों ओर से होना चाहिए

30.अभी तो दोस्ती करने का मन बनाया
तकरार करूं कैसे ?
अभी ताे खफा़ नज़र आ रही है
इकरार करूं कैसे ?

31.तुम्हारी ऑखाें से ऑखें 
मिलाने का मन कर रहा है 

अब साेने का नही
तुम्हें जगाने का मन कर रहा है


32.उसे हम याद आते हैं फ़क़त फुर्सत के लम्हों में...
मगर ये बात भी सच है उसे फुर्सत नही मिलती...
                                         ( वसी शाह )

33.हम तस्लीम करते हैं हमे फुर्सत नही मिलती...
मगर जब याद करते हैं तो ज़माना भूल जाते हैं...

                                      ( मिर्ज़ा ग़ालिब )

34.ज़माना भूल जाते है तेरे एक दीद के खातिर...
ख्यालों से निकलते हैं तो सदियाँ बीत जाती हैं...

                                ( अल्लामा इक़बाल )

35.सदियाँ बीत जाती है ख़्यालों से निकलने में...
मगर जब याद आती है तो आँखे भीग जाती है...

                                            ( साग़र )

36.दर-अस्ल उसको फ़क़त चाय ख़त्म करनी थी
हम उसके कप को सुनाते रहे ग़ज़ल अपनी
(~ जुबैर अली ताबिश)


37.छोड़ आया था मेज़ पर चाय 
ये जुदाई का इस्तिआरा था 
(~ तौकीर अब्बास)


38.इतनी गर्मजोशी से मिले थे,
हमारी चाय ठंडी हो गई थी।
(~ Khalid Mehboob)


39.बहकते रहने की आदत है मेरे कदमो को,,
शराब खाने से निजलूं के चाय खाने से।।
(~ राहत इंदौरी)


40.कुछ चलेगा जनाब, कुछ भी नहीं
चाय, कॉफी, शराब, कुछ भी नहीं
(~ 'अना' क़ासमी)


41.ख्वाहिशें कल हुस्न की महमान थीं,
चाय को भी नाश्ता कहना पड़ा।
(~ जुबैर अली ताबिश)


42.चलो अब हिज़्र के किस्सों को छोड़ो
तुम्हारी चाय ठंडी हो रही है
(~ ज़ुबैर अली ताबिश)


43.एक गर्म बहस चाट गई वक्ते मुकर्रर,
मुद्दे जो थे वो चाय के प्यालों में रह गए।
(~ फानी जोधपुरी)


44.कल के बारे में जियादा सोचना अच्छा नहीं
चाय के कप से लबों का फासला है जिंन्दगी
(~ विजय वाते)


45.महीने में किसी रोज कहीं चाय के दो कप,
इतना है अगर साथ, तो फिर साथ बहुत है
(~ अना क़ासमी)


46.ज़िंदगी छोटी सी सही,
पर दिल हर किसी से लगाइये नहीं..!
जीवन होता बहुत सरल है, उलझाइये नहीं,

47.कैसे संभालू.....!
कैसे भूला दूं...!!
अब ऐसे मझधार में छोड़ गयी हो मुझे
आखिर करूं क्या मैं...
अब तू ही बता मेरे राही

48.माना कि हवाए भी अपना 
रूख बदलती है
पर इंसान जितना तो नहीं

49.सुस्त ज़िन्दगी के दिन चार देखिये,
तेज़ भागते वक़्त की रफ़्तार देखिये

सिकुड़ती हुई उम्र के कमरे के बाहर
ख्वाहिशों की लम्बी क़तार देखिये,

रंगीपुती रिश्तों की दीवारों के अंदर
घर बनाती रंजिश की दरार देखिये

दुकाने इंसानियत की बंद हो गयीं
वहशियत का हर तरफ बाजार देखिये

झुक के पाँव छूती थी जो शोहरतें
आज उन्हें ही सर पर सवार देखिये

बाँट ली हैं साँसे बराबर के हिस्सों में
आंसू और हंसी के बीच करार देखिये

शायद कोई हमको खोजकर ले आये
गुमशुदगी का देकर इश्तेहार देखिये

दिल तो कबका इसमें दफ़न हो चूका
अब तो सिर्फ जिस्म की मज़ार देखिये...

50.मेरे अधूरे ख्वाब और उलझता हु मै 
ये कितना सही है           
मेरे तकलिफी जजबात और
उसकी यादों में खोया रहना कितना सही है।।
अब दिल भी कहता है अलग मंज़िल देख और
अलग देख अपने रास्ते क्योकि बेमतलबी लोगो से
रिश्ता रखना कितना सही है।।


51.स्कूल की पडाई 
सिर्फ़ जनरल नॉलेज बढ़ाने के लिए है
अपने जीवन में काम आए ऐसे पाठ तो 
दुनिया वाले सिखाते हैं

52.चला था ज़िक्र ज़माने की बेवफ़ाई का
सो आ गया है तुम्हारा ख़याल वैसे ही

4/10/20

Breakup Shayari in Hindi || Shayari In hindi || Sad Shayari


1. रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी यादें हमारी,
रह जाओगे जब तन्हा...बहुत काम आयेंगे हम।

Rakh Lo Dil Me Sambhal Ke Thodi Si Yadden Humari.
Rah jaoge jb Tanha...bahut Kam Aayenge Hum..


2. यही ख्वाहिश थी हमेशा मुझें इतना तो जाने तू..
जो अग़र रूठ जाऊँ कभी तो मनाकर ही माने तू..

Yhi Khbahis thi humesa mujhe itna to Jane Tu..
Jo ager Ruth jau Kabhi to mnaker hi mane Tu..


3. अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारों के,
उतरना दिल में है या दिल से उतरना है।

Alfaz Ty karte hai faisle kirdaro ke.
Utrna Dil me Hai ya Dil se utrna Hai..


4. यह दुनिया एक लम्हे में तुम्हे बर्बाद कर देगी,
मोहब्बत मिल भी जाये तो उसे मशहूर मत करना।

Yeh duniya ek Lange me tumhe brbad kr degi..
Mohbat mil bhi Jaye to mashoor mat krna..



5. सुनो दुनियावालो जरा गौर फरमाइयेगा
इश्क़ कीजियेगा तो फिर मंजिल ना तलाशियेगा
किसीको दिल दीजियेगा तो फिर दिल वापस पाने की उम्मीद न कीजियेगा
दुख काफी हैं दुनिया मे खुशिया बाँट पाओ तो बताइयेगा
कोई पूछे आपको हाल अपना तो मुस्कुरा दीजियेगा ।

Suno duniyawalo jra goat fermaiyega.
Iseq kijiyega to fir Manjil Na tlasiyega..
Kisi ko Dil dijiyega to fir Dil bapas Pane Ki Umeed Na Kijiyega..
Dikh Kafi Hai Duniya Me Khusiya Baby pao To btaiyega.
Koi Puche Aapko Hal Apna To Muskura Dijiyega...


6. अगर इज्जत खोने का डर हो तो मोहब्बत करना बंद कर दो,
इश्क़ की गलियों में आओगे तो चर्चे जरूर होंगे!!


Ager Izzet Khone Ka Der Ho To Mohabbat Krna Band Kr do..
Iseq Ki Galioo Me Aaoge To Charche Jarur Honge


7. उसने कहा मोहब्बत करोगे मुझसे,
मैंने कहा मोहब्बत किसी के कहने 
से नहीं की जाती..
जिसने होनी होती है उससे
बस अपने ही आप हो जाती है..।

Usne Kha Mohabbat Karoge Mujse,
Maine Kha Mohabbat Kisi Ke khne se Nahi Ki jati..
Jisme Honi Hoti Hai Apne aap Hi ho Jati Hai..

8. तुम्हारे दिए दर्द के सिवा कुछ नहीं है मुझपर
बेवफ़ाई तो तुमने की थी मैने तो वफा के फूल लुटाए थे तुम पर।

Tumhare Diye Dard Ke Siwa Kuch Nahi Hai Mujhper.
Babfai To Tumne Ki Thi Maine To Bfa Ke phool Lutaye The Tumper..

9. तुम्हारी याद अभी भी आती है आओ लौट कर देखो यहां पर कि ये मुझे कितना तड़पाती है।

Tumhari Yaad Abhi Bhi Aati Hai..
Aao loat Ker Dekho yha
Ki ye mujhe Kitna Tadpati Hai..


10. बेवफ़ाई में दिल रोता है 
इश्क में दिल हंसता है 
मुझे बताओ यह कौन सा रास्ता है 
जो गम की तरफ बढ़ता है।

Bebfai Me Dil rota Hai
iseq Me Dil Hansta Hai..
Mujhe Btaoo yeh Kon Sa Rasta Hai..
Jo gum ki traf Badta Hai...




11.
मंज़िले भी उसकी थी,
रास्ते भी उसके ही थे..

लोग भी उसके थे,
काफ़िला भी उसका था..

साथ साथ चलने की सोच भी उसकी थी,
फ़िर रास्ते बदलनें का फैसला भी उसी का था..

आज क्यों अकेला हुँ दिल ये सवाल करता है,
लोग तो उसके ही थें, क्या ख़ुदा भी उसका था...

12.

आप जितना ज्यादा खास होने की कोशिश करते हैं, 
आपको उतनी ही ज्यादा चोट लगती है ।

 सहज रहिए, पिघलकर हवा और मिट्टी का हिस्सा बन जाइए, जैसा सृष्टि चाहती है।


13.सब्र जितना था कर लिया मैंने,
अब तू न आना लौटकर तो बेहतर है....

14.लोग आज भी तेरे बारे में पूछते है,,,,
 की कहाँ है वो,,,,
 मैं बस दिल पर हाथ रख देता हूँ...!!

15.रात और दिन का फासला हूँ मैं
ख़ुद से कब से नहीं मिला हूँ मैं..

16. ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में,
पर लोग कहते हैं काफिला हूँ मैं




NEW SHAYARI :-




1.तुम्हारी सूरत अब ज़हन में उभरती नहीं 
मगर फिज़ाओं में तुम मौजूद हो।

तुम्हारा एहसास चश्मे-नूर बनकर रौशन होता है 
मेरे दिल को इसी में राहत है कि तुम हर तरफ मौजूद हो।






2.दिलो में खलिश है न पालो इसे
ये नफरत बुरी है निकालो इसे,

न मेरा न तेरा न इसका न उसका 
ये सबका वतन है बचा लो इसे!





3.मेरी खामोशियों की झील में फिर....
किसी आवाज का पत्थर गिरा है!




4.दिल चाहता है कि फ़िर,अजनबी बन कर देखें,
तुम तमन्ना बन जाओ,हम उम्मीद बन कर देखें।





5.प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे,

दौलत दिखाई तो सारे जहां की कम पड़ेगी।






6.न हाथ थाम सके और न पकड़ सके दामन,


बहुत ही क़रीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोई।






7.बहुत संभलकर लिखना पड़ता है
जहन ए जज्बात को वर्ना स्याही पर नहीं 
गहराई पर सवाल उठते है।।।।






8.गिरा दे जैसा पानी है
तेरे पास ए बादल
यह प्यास...❤️
उनके इश्क से बुझेगी
तेरे बरसने से नही।






9.तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ 

ज़िन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ

मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह 

तमाम उम्र बस एक मुलाकात में गुजार लूँ








10.तन्हा रहना तो सीख लिया हमने,
लेकिन खुश कभी ना रह पाएंगे,
तेरी दूरी तो फिर भी सह लेता ये दिल,
लेकिन तेरी मोहब्बत के बिना ना जी पाएंगे.









11.आज फिर घर से निकला हूं 


इक तेरी तलाश में बस तेरी ही कमी है। 
इन आंखों की प्यास में, 
तुझे जाना ही था तो आयी क्यों
काट लेंगे जिंदगानी तेरी आस में।



12.शायरियां कर कर के लोग अधमरे हो गए है..

पर मजाल है जिसके लिए की गई है ,
उसके पल्ले पड़ी हो 💘से...*





13.खुद ही पढ़ लेती हूँ, 
जो तुम्हारे लिए लिखती हूँ!

छोड़िए शिकायत ..शुक्रिया अदा किजिये, 
जितना है पास पहले उसका मजा लीजिये...✍






14.💞मैं कुछ लिखूँ और तेरे अक्स की खुशबू न हो...

💞उफ्फ्फ्फ...! ये तो तौहीन होगी मेरे लफ़्ज़ों की।





15.तुमने तो खुद सुनी थी, सीने से लग के धडकनें हमारी..  

कितना डरते थे हम तुझे खोने के ख्याल से...!!
 😔😔😔




16.हमे पता हे तुम कही ओर के मुसाफीर हो
हमारा शहर तो बस यूँ ही रास्ते मे आया था।






17.बड़ी ही मासूमियत से नाराज़ हुआ करती है वो
जब भी गुस्सा होती है अपनी जुल्फें बांध लेती है
😘😘😘





18.देखकर पलकें मेरी .....कहने लगा कोई फक़ीर....


इन पे बरख़ुरदार .....सपनो का वज़न कुछ कम करो....





19.एक शम्मा अंधेरे में जलाए रखना,

सुबह होने को है मौहौल बनाए रखना,

कौन जाने वो किस गली से गुज़रे,

हर गली को फूलो से सजाए रखना!
.............. 💔...........................







sad shayari in Hindi