पेज

13/7/26

जब अल्फ़ाज़ रो पड़ें – 15 सबसे दर्दनाक शायरियाँ

 


1.

कुछ ख़्वाब थे जो तेरे साथ सजाए थे,

वक़्त ने उन्हें ख़ामोशी से मिटा दिया।

अब हर मुस्कुराहट बस दिखावा लगती है,

दिल ने जीना तो सीखा, मगर हँसना भूल गया।


2.

तेरी यादें हर रात दस्तक देती हैं,

नींद मेरी आँखों से रूठ जाती है।

सुबह तो हो जाती है हर रोज़,

मगर मेरी ज़िंदगी फिर भी अँधेरी रह जाती है।


3.

जिसे अपनी दुनिया समझा था,

उसी ने मुझे तन्हा छोड़ दिया।

अब किसी से शिकायत भी नहीं,

बस किस्मत ने मेरा साथ छोड़ दिया।


4.

दिल में हज़ारों बातें दफ़्न हैं,

लबों पर सिर्फ़ ख़ामोशी रहती है।

लोग कहते हैं सब ठीक है,

काश उन्हें अंदर की टूटन दिखती।


5.

हर दुआ में तेरा नाम लिया,

हर साँस में तुझे बसाया था।

तूने एक पल में रिश्ता तोड़ दिया,

जिसे मैंने उम्र भर निभाया था।


6.

आँसू छुपाना अब आदत बन गई,

दर्द से दोस्ती सी हो गई।

जो कभी मेरी दुनिया था,

आज वही सबसे बड़ी कमी बन गई।


7.

कुछ रिश्ते अधूरे ही अच्छे होते हैं,

पूरे होकर अक्सर टूट जाते हैं।

हमने जिसे दिल से अपनाया,

वही हमें बेगाना कर जाते हैं।


8.

अब आईना भी सवाल करता है,

चेहरे की मुस्कान झूठी क्यों है।

कैसे बताऊँ उसे कि,

दिल की हर धड़कन अधूरी क्यों है।


9.

तेरे बिना जीना सीख लिया है,

मगर खुश रहना नहीं आया।

हर दिन गुज़र तो जाता है,

बस सुकून कभी लौटकर नहीं आया।


10.

वक़्त ने सब कुछ बदल दिया,

बस यादें वैसी की वैसी रहीं।

तू किसी और का हो गया,

और मेरी तन्हाइयाँ मेरी ही रहीं।


11.

टूटकर चाहा था तुझे,

शायद यही मेरी ख़ता थी।

तूने दिल तोड़कर रख दिया,

और यही तेरी वफ़ा थी।


12.

अब किसी से उम्मीद नहीं रखता,

उम्मीदें अक्सर रुला देती हैं।

जो अपने होने का दावा करते हैं,

वही सबसे पहले भुला देते हैं।


13.

चाहत मेरी अधूरी रह गई,

कहानी मेरी ख़ामोश रह गई।

जिसे मंज़िल समझकर चला था,

वही रास्ते में छोड़ गया।


14.

दिल आज भी तेरा इंतज़ार करता है,

भले तू कभी लौटकर न आए।

कुछ मोहब्बतें ऐसी होती हैं,

जो उम्र भर सिर्फ़ दर्द दे जाएँ।


15.

मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी मत समझना,

इसमें हज़ारों चीख़ें दबी हुई हैं।

मैं मुस्कुरा ज़रूर देता हूँ,

मगर आँखों में आज भी नमी छुपी हुई है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें